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पी एम ओ पर शिकायत के बावजूद भी कम्पनी पर कार्यवाही नही

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*6 नवंबर 22 को मेरे द्वारा की गई शिकायत को सी एम हेल्प लाइन लिख रही है 9 माह बाद निराकरण हो गया है*
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खरगोन – 27 वर्षो पूर्व प्रोफेसर पी सी महाजन के चित्र छपे लगभग 30 हजार पेंपलेट के माध्यम से 22 हजार लोगो से तीन करोड़ 34 लाख रुपए इकट्ठे किए उसे बैंक में जमा किए बैंक से ब्याज मिला लगभग 10 बैंको में अलग अलग खाते में यह पैसा जमा किया गया , इसी पैसे को कम्पनी के मेंबर को ब्याज पर दिया गया , किस्त लेट होने पर कम्पनी ने 250 रुपए दंड लिया , लम्बे समय तक कर्ज न देने वाले मेंबर को कम्पनी ने जेल करवा दी क्युकी कम्पनी मेंबर से 12 कोरे चेक लेती थी , जो कम्पनी के पैसे बहुत समय तक नही देता कम्पनी उस मेंबर के कोरे चेक पर खुद तारीख लिखती , अपनी कम्पनी का नाम लिखती , लोन की मूल राशि और ब्याज जोड़कर राशि लिखकर कम्पनी के मेंबर के खाते में लगाती चेक बाउंस होता तो कम्पनी 138 धारा का उपयोग करके अपने ही मेंबर को कोर्ट में लाती , बड़वानी के एक मेंबर को कोर्ट ने 6 माह की सजा दे दी थी तो उसके समाज के एक वकील ने पैसे की व्यवस्था कर खरगोन की इस प्रकाश स्मृति कम्पनी को पैसे दिए और इसी कम्पनी के उस शेयर होल्डर को जेल जाने से बचाया , बंधुओ इस प्रकाश स्मृति कम्पनी के मास्टर माइंड रवि शंकर महाजन ने प्रकाश स्मृति कम्पनी के नाम से 6 प्रापर्टी खरीद ली , उसमे एक इंदौर की प्रापर्टी को बेची तो उसके नंबर दो के 52 लाख रुपए रवि शंकर ने वहा के मेनेजर को बताए और खुद रख लिए की इसे बाद में प्रकाश स्मृति में जमा कर दूंगा , रवि शंकर ने एक और कम्पनी तंजीम ए जरखेज बनाई इसमें सात डायरेक्टर सभी खरगोन के महाजन समाज के थे , इन सात महाजन डायरेक्टर ने जाकिर खान को मेनेजर बनाकर गोगवा ब्लाक की डाबरिया फलया की 500 एकड़ जमीन खरीदी , फिर तंजीम ए जरखेज का नाम दिल्ली कार्पोरेट मंत्रालय से बदलवाया और रजिस्ट्रेशन नंबर पुरानी कम्पनी तंजीम ए जरखेज का ही रखा , इसमें खरगोन के कट्टर हिंदू नेता रणजीत सिंह डंडीर ने रवि शंकर महाजन की इस दूसरी कम्पनी की जिला सहकारी बैंक में 2 करोड़ की सी सी लिमिट बना दी , रवि शंकर ने प्रकाश स्मृति कम्पनी के खाते से पी सी फाउंडेशन में एक करोड़ डाल दिए , प्रकाश स्मृति कम्पनी में पिछले पांच सालों से अंदरूनी माथा पच्ची चल रही थी , प्रकाश स्मृति कम्पनी के मेनेजर विक्रम चौहान को कम्पनी 90 हजार रुपए तनख़ा देती थी , विक्रम ने रवि शंकर को बहुत समझाया की तुम खरगोन और आस पास के गांव के गरीब , मजदूर , किसान और छोटे व्यापारी के पैसे जो अपन ने वादा किया है उस हिसाब से दे दो , किंतु रवि के सिर पर भूत सवार हो गया था , रवि की मां गंगा बाई महाजन को रवि शंकर ने सबसे अधिक शेयर खरीद कर प्रकाश स्मृति कम्पनी का अध्यक्ष बना दिया , अब डाबरिया फलया में 100 लोगो से जो एक एक लाख रुपए लिए उनको बेवकूफ बनाया रवि शंकर ने उनको बोला था तुमको एक लाख के ग्यारह लाख या चार एकड़ जमीन दूंगा , फिर लोगो से प्लाट के एक एक लाख लिए , मकान के लिए एक एक लाख लिए और सबको बेवकूफ बनाया , तीनो कम्पनी का मास्टर माइंड रवि शंकर महाजन है जो खरगोन की हायर सेकेंड्री स्कूल क्रमांक दो में सुबह गणित पढ़ाता है , सारी ये बाते खरगोन के कलेक्टर श्री शिवराज जी वर्मा और एस पी श्री धर्मवीर जी को मालूम है , अनेकों गरीब , ग्रामीण लोगो ने शिकायत पुलिस और कलेक्टर को दी है , मेरी पी एम ओ में शिकायत दर्ज हुई फिर उस शिकायत को सी एम हेल्प लाइन से मैप कर दिया गया , इन तीन कंपनियों में अरबों रुपए का घोटाला कर गरीब लोगो और सरकार को केवल एक मास्टर माइंड रवि शंकर ने बेवकूफ बनाया है किंतु एस पी साहेब का कहना है मामला बड़ा है थोड़ा समय लगेगा !
जब खरगोन के एस डी ओ पी राकेश मोहन शुक्ला ने सी एम हेल्प लाइन के अनुसार इन तीन कम्पनी की जांच की तो प्रकाश स्मृति कम्पनी के रवि शंकर महाजन ने कहा मेरे पिता के फोटो वाले पैंपलेट मेने किसी को नही दिए !
अब पुलिस आज से 27 वर्ष पूर्व उस प्रिंटिंग प्रेस का पता लगाने में लगी है जिसने खरगोन के रवि शंकर के पिता का फोटो अर्जित कर 30 हजार पेंपलेट के माध्यम से लोगो को मूर्ख बनाया , पुलिस विभाग ने प्रिंटिंग प्रेस की प्रत्येक सामग्री पर प्रेस का नाम स्थान और मोबाइल नम्बर जरूरी कर देना चाहिए ! खरगोन की इन तीन कम्पनी की पी एम ओ शिकायत के बाद तीनो कम्पनी के खरगोन के सात डायरेक्टर पर कार्यवाही नही होना , गंगा बाई ओर रणजीत पर कार्यवाही नही होना यह सिद्ध करता है मामला भारतीय जनता पार्टी के नेताओ का होने से केंद्र और प्रदेश दोनो की सरकार अपराधी का साथ देकर मामले पर तेजी से कार्यवाही नही कर रही है जबकि राष्ट्रीय मीडिया एन डी टी वी , अनेक बड़े यू ट्यूबर द वायर और अन्य यू ट्यूब चैनल , खरगोन के छोटे अखबार , सोशल मीडिया सभी में जनता को जगरूक करने के उद्देश्य से बार बार समझाया गया की इन कम्पनी से सावधानी बरते किंतु पी सी फाउंडेशन ने पत्रकारों का मनोबल तोड़ने के लिए तीन करोड़ का मानहानि दावा खरगोन कोर्ट में लगा दिया जिसकी तारीख 21 जुलाई है ! आम जनता को लग गया है भारतीय जनता पार्टी इसलिए इन तीन कंपनियों पर कार्यवाही नही कर रही है क्युकी इनमे सब बी जे पी के लोग है ! खरगोन से संतोष गुप्ता की रिपोर्ट !✍️

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