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खनिज विभाग खरगोन पर मोदीजी एक्शन लीजिए , भारतीय जनता पार्टी को बदनामी मिल रही है इस विभाग से !

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*_अनोखा तीर – मिट्टी के खनन में भी खेल -“*

*सैकड़ों कॉलोनियां बन गईं.. कहीं मिट्टी इस्तेमाल नहीं हुई।*

*अवैध खनन को रोकने में विभाग नाकाम । खनन माफियाओं के हौसले बुलंद।*

खनन सिर्फ नदियों में ही नहीं किया जा रहा है, शहर में कट रही दर्जनों कालोनियों के बगीचे में भराव के लिए मिट्टी की जरूरत भी अवैध खनन से पूरी की जा रही है। यह अलग बात है कि हर रोज सैकड़ों ट्रैक्टर ट्राली मिट्टी शहर में आने के बावजूद न जिला प्रशासन के पास इसका रिकार्ड है न इस पर कोई मानीटरिंग ही हो रही है। खनिज विभाग के अफसर कितनी गहरी नींद में सो रहे हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मिट्टी के खनन के लिए प्रशासन से एक भी परमिशन नहीं ली गई है। मानें तो यह सारा खेल खनिज विभाग के संरक्षण में चल रहा है। शहर में सैकड़ों कालोनियां बन चुकी हैं या बन रही हैं। नियम के मुताबिक मिट्टी का खनन करने से पहले खनन विभाग की अनुमति जरूरी है मगर बगैर परमिशन ही विकसित हो रहीं कॉलोनियों में हर रोज सैकड़ों ट्राली मिट्टी का इस्तेमाल हो रहा है। प्रशासन भले ही अवैध खनन पर रोक लगाने का दावा करे, लेकिन खनन माफियाओं पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है। खनन रोकना प्रशासन के लिए टेढ़ी खीर बना हुआ है। क्षेत्र में इन दिनों धड़ल्ले से मिट्टी का अवैध खनन हो रहा है। क्षेत्र में मिट्टी खनन माफियाओं का जाल सा फैला हुआ है जिन्हें न तो प्रशासन का डर है और न ही पुलिस का। खेतों से खनन कर मुख्य मार्गों से होकर मिट्टी की ट्रैक्टर ट्रालियों से दिन में खुलेआम हो रही ढुलाई से कहीं न कहीं जिम्मेदारों की कार्यशैली पर भी प्रश्नचिन्ह लग रहा है।

खरगोन : ( मनीष मडाहर )
जिले में कृषि उपयोग में ली जा रही भूमि से मिट्टी खनन का काम बेधड़क चल रहा है। खनन विभाग के अधिकारियों के तालमेल के चलते इस कारोबार पर लगाम नहीं लग रहा है। किसानों के खेतों की मिट्टी की सौदेबाजी कर ईंट भट्टा संचालकों को दी जा रही। बगैर अनुमति चल रहे अनाधिकृत मिट्टी खनन के चलते खेतों की ऊपज कमजोर हो रही है। मिट्टी खनन पर नियंत्रण को लेकर विभागीय अधिकारी भी गंभीर नहीं हैं। इससे मिट्टी की सेहत पर असर पड़ रहा है। मिट्टी ढोने के लिए सर्वाधिक कृषि कार्य के लिए पंजीकृत ट्रैक्टर-ट्रालियों का प्रयोग नियम विरुद्ध किया जा रहा है। खनन विभाग सब कुछ जानते हुए भी इसे रोकने में दिलचस्पी नहीं ले रहा है । मिट्टी माफिया किसी नियम कानून की परवाह किए बगैर अवैध रूप में मिट्टी खनन कराने में लगे हुए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार कालोनाइजर एक डंपर मिट्टी के 3 हजार से 3500 रु ले रहे है। एक कालोनी के बगीचे के लिए 300 से 500 डंपर मिट्टी लगती है । मिट्टी के खेल में शासन को रायल्टी के नाम पर कुछ नही मिल रहा है । खनिज विभाग के जिम्मेदार अधिकारी के कार्यकाल में खनन का कारोबार रुकने के बजाय तेजी से बढ़ रहा है । खनन माफिया प्रशासन की आंखों में धूल झोंककर धड़ल्ले से खनन कर राजस्व को लाखों का क्षति पहुंचाने में लगे हैं। सब कुछ खनिज विभाग की नाक के नीचे हो रहा है, लेकिन प्रशासनिक अमला शांत बैठा हुआ है। खरगोन जिले के लोगों को कलेक्टर करमवीर से उम्मीदें है कि क्षेत्र में जल्द अवैध कारोबार पर लगाम लगेगा। लेकिन खनन माफिया कुछ लोगों के साथ मिलकर राजनेताओं के संरक्षण में प्रशासन व पुलिस के सामने खुलेआम ये खेल कर रहे हैं। इन पर कौन नकेल कसेगा, ये देखने वाली बात है।

*दैनिक अनोखा तीर ई-पेपर_मनीष मडाहर, खरगोन https://anokhateer.com/epaper*

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