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खरगोन मध्यप्रदेश का एक सरकारी शिक्षक रविशंकर महाजन पर अरबों का घोटाला का आरोप के बाद भी कार्यवाही नही !

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खरगोन – नमस्कार मित्रो !
मैं हू संतोष गुप्ता
और
संतोष न्यूज पर आपका स्वागत है !
देश की राष्ट्रपति का नई लोकसभा में अभिभाषण हो गया …
मध्यप्रदेश सरकार ने अपना खजाना भरने के लिए मंत्रियों का आयकर का भार कम कर दिया !
खरगोन प्रशासन की बात करे तो
कलेक्टर कर्मवीर जी ने जन सुनवाई में आम गरीबों की पीड़ा सुनी !
कम्पनी एक्ट सेक्शन 8 का तो बुद्धिजीवी वर्ग ने खूब फायदा उठाया सरकार ने ग्वालियर से इनका रजिस्ट्रेशन आम लोगो के भले के लिए किया किंतु खरगोन के बुद्धिजीवी जिसे हम केजरीवाल भी कह सकते है , हमारे भारतीय समाज में रविशंकर महाजन जेसे लोग अनेक है जो बुद्धि के बल पर समाज के गरीब , मजदूर , किसान और छोटे व्यापारी को अपनी मीठी भाषा से अपनी कम्पनी और अपनी साख सहकारी समिति में पैसा देने की बात रखते है , गरीब बड़ी बैंको में जा नही पाता वह इनके झांसे में आ जाता है और अपनी गाड़ी कमाई का पैसा अपने ही गांव का है , अपने ही शहर का है , अच्छे समाज का है , विश्वास कर लेते है और दे देते है बाद में मेरे जेसे स्वतंत्र पत्रकार भारत सरकार के पी एम ओ , मध्यप्रदेश सरकार की सी एम हेल्प लाइन , भोपाल के ई डब्ल्यू ओ , विधायक रवि जोशी , सांसद गजेंद्र पटेल , कलेक्टर , एस पी सभी को लिखकर शिकायत करते है की समाज के इस व्यक्ति के जिले के गरीब , किसान , मजदूर और छोटे व्यापारी को ठगा है , किंतु होता क्या है बंधुओ तीस सालों के बाद खरगोन के सरकारी मास्टर रवि शंकर महाजन की स्थिति खरबपति की हो जाति है , उसके पास सेकडो एकड़ जमीन होती है , उसके पास नंबर एक में करोड़ो रुपया बैंक में होता है जिन रूपयो का वह निविदा भरने में उपयोग करता है , केवल डराने के लिए निविदा भरता है और पैसा लेकर निविदा वापस ले लेता है ये काला धन फिर वह ब्याज पर चलाता है , रविशंकर महाजन इंदौर के अग्रवाल को एक प्रापर्टी की बिक्री करता है नंबर एक का अमाउंट प्रकाश स्मृति कम्पनी में आता है और नंबर दो के 52 लाख वह खुद रखता है और ब्याज पर चलाता है , सरकारी शिक्षक रविशंकर महाजन सरकार से भी एक लाख की तनख़ा लेता है , उसकी मां को भी सरकार पेंशन देती है , रविशंकर अनुकम्पा नियुक्ति पर लगता है , बाबूलाल महाजन जब विधायक बनते है तो तंजीम ए जरखेज के मामले को विधानसभा में उठाते है , केदार डावर भी मध्यप्रदेश विधानसभा में उठाते है , बंधुओ रविशंकर बाप का नाम प्रकाशचंद्र महाजन , मां का नाम गंगा बाई की ताकत का अंदाज लगाइए आप की रविशंकर महाजन का कोई कुछ नही बिगाड़ पाता , खरगोन का एक सरकारी शिक्षक , शिक्षक जो समाज में ज्ञान देता है आज मध्यप्रदेश सरकार के शिक्षक के नाम पर बहुत बड़ा कलंक है खरगोन का रविशंकर महाजन ….
कलेक्टर और एस पी तो रवि शंकर महाजन के सामने बच्चे है , क्या मजाल की उसकी तीन कम्पनी प्रकाश स्मृति कम्पनी , तंजीम ए जरखेज कम्पनी और प्रोफेसर पी सी फाउंडेशन के खिलाफ एफ आई आर लिख ले ….
कलेक्टर और एस पी की पढ़ाई आई पी एस एक सरकारी शिक्षक रविशंकर महाजन के समक्ष बहुत छोटी है …
रविशंकर ने आर बी आई को मूर्ख बनाया …
प्रकाश स्मृति कम्पनी के शेयर होल्डर के कोरे चेक लिए
फिर
न्यायालय को मूर्ख बनाया
कोरे चेक पर दिनांक , उसकी खुद की कम्पनी का नाम और कम्पनी के शेयर होल्डर की शेष ऋण राशि ब्याज सहित की राशि चेक में प्रकाश स्मृति कम्पनी ने भर ली और उसी की कम्पनी के शेयर होल्डर के खाते में वही चेक लगा दिया , चेक को बाउंस होना ही है क्युकी बेचारा प्रकाश स्मृति का शेयर होल्डर कर्ज में आ गया पैसा होता तो वह कम्पनी को दे देता , शेयर होल्डर को तो मालूम ही नहीं पड़ता प्रकाश स्मृति कम्पनी ने जब उसके खाते में चेक भी लगा दिया और बाउंस भी हो गया !
बंधुओ , उसे मालूम कब होता जब प्रकाश स्मृति कम्पनी के वकील का उसके पास चेक बाउंस का नोटिस आता , फिर कोर्ट से नोटिस आता फिर प्रकाश स्मृति कम्पनी का शेयर होल्डर अपनी जमानत करवाता , फिर केस चलता , फिर कोर्ट से उसको छः महीने की सजा हो जाती , बंधुओ खरगोन की प्रकाश स्मृति ने बड़वानी और निसरपुर वालो से भी खूब पैसा बटोरा है , बड़वानी का एक प्रकाश स्मृति कम्पनी का शेयर होल्डर को कोर्ट ने छः माह की सजा सुनाई है , कलेक्टर कर्मवीर जी एस पी धर्मराज मीणा जी चाहे तो बड़वानी कोर्ट से इस मामले के पेपर बुला सकते है !
बंधुओ , बुद्धिमान बदमाश रविशंकर महाजन ने भारत सरकार के आयकर विभाग को भी खूब मूर्ख बनाया और आयकर विभाग से दान पर छूट ले ली , बंधुओ आपको मालूम है भारत का एक संत सुधांशु महाराज ने भारत के भोले भाले भक्तो से करोड़ो रुपया ले लिया था और उन्हें झूठ बोला की तुम्हे आयकर विभाग में छूट मिलेगी एक नकली आयकर छूट का नंबर उनकी रसीदो में था , बंधुओ भारत में ऐसे गरीबों के साथ अन्याय करने वाले लोगो के साथ प्रशासन और सरकार जब तक कड़ी कार्यवाही नही करेगी तब तक ये लोग रविशंकर महाजन जेसे पक्के हो जायेंगे !
अब बताओ बंधुओ , अंजड में आश्रय साख सहकारी संस्था मर्यादित में वहा के गरीबों ने फिक्स डिपाजिट विश्वास में करवा ली , अब राशि की डेट हो गई है पैसा मांग रहे है तो पैसा दे नही रहे है , यानी कम्पनी एक्ट सेक्शन आठ और सहकारिता की गंदगी अब छोटे गांव तक फेल रही है , कारण प्रशासन और सरकार न तो प्रकाश स्मृति पर कार्यवाही कर रही और न ही खरगोन की नागरिक सहकारी बैंक पर …मागरुल रोड पर खरगोन कलेक्टर पता लगाए एक नागरिक सहकारी बैंक से संबंधित आफिस है शुगर मील के नाम से अनेक ब्राह्मण समाज ने उसमे पैसा जमा कराया था , मेरे पास खरगोन के एक ब्राह्मण का मोबाइल आया था उसने कहा मेरी मां के नाम मेने पैसा रखा था अब न तो पूरा पैसा दे रहे है न ब्याज दे रहे है मूल राशि भी टुकड़ों टुकड़ों में दे रहे है , अब यदि यह देखा जाय तो की आखिर इन सेक्शन आठ कम्पनी और सहकारिता बैंक में है कौन लोग ?
तो आपको मालूम पड़ जाएगा इसमें भगवान राम को मानने वाली देशभक्त भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस पार्टी दोनो शामिल है !
अब सवाल यही है की इन्ही परेशानी के कारण आम आदमी नगर के किसी भरोसे मंद व्यक्ति के पास अपनी जमा पूंजी रख देता है और उससे प्रतिमाह ब्याज ले लिया करता है , किंतु इसमें भी खरगोन में ऐसे ऐसे प्रकरण हुए की खरगोन के एक व्यक्ति को आम लोगो ने बीस करोड़ रुपया दे दिया और उसने कुछ समय सबको खूब ब्याज दिया और फिर हाथ ऊंचे कर दिए और आम जनता के बीस करोड़ रुपए डूब गए !
हरियाणा की कम्पनी फ्यूचर मेकर महेश्वर और खरगोन से अरबों रुपया खाते में डलवा चुकी है क्या हुआ प्रशासन और सरकार आम लोगो के अरबों रुपए दिलवाने में कोई रुचि नहीं रखता !
सहारा कम्पनी ने खरगोन के बेचारे छोटे व्यापारी , गरीब , किसान और मजदूर का करोड़ो रुपया जमा कर लिया और आज भारतीय जनता पार्टी जो विश्व की सबसे बड़ी पार्टी है किंतु सहारा कम्पनी से भारत के नागरिकों का पूरा पैसा नही दिलवा पाई !
बंधुओ , सोशल मीडिया पर हम सभी ने बार बार इन सभी के विरुद्ध आवाज उठाना चाहिए , अब जन आंदोलन का जमाना गया , अब सारे काम भविष्य में आन लाइन होंगे इसलिए हम सब इन कम्पनी , सहकारी संस्था के विरुद्ध खूब लिखे आज नही तो कभी भी उसके परिणाम अवश्य मिलेंगे !
मैं बार बार प्रकाश स्मृति कम्पनी , तंजीम ए जरखेज कम्पनी और प्रोफेसर पी सी फाउंडेशन के बारे इसीलिए लिखता हू की भोली भाली खरगोन की जनता समझ जाए की ये कलेक्टर , एस पी , विधायक , सांसद सब दिखावा है यदि दुराचारी व्यक्ति आर्थिक रूप से सशक्त है तो कोई भी उसका कुछ भी नही बिगाड़ सकता !
जी इन डेयरी और भाईचंद हीराचंद के नाम अभी संतोष न्यूज के कार्यालय पर मोबाइल पर सूचना भेजी गई की इन कम्पनी ने भी खरगोन के भोले भाले लोगो का करोड़ो रुपया डूबा दिया और हाथ ऊंचे कर दिए !
संतोष न्यूज खरगोन !

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