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प्रोजेक्ट गिरधारी नाम से फिर कोई गरीब , मजदूर , किसान या छोटा व्यापारी सरकारी शिक्षक रविशंकर महाजन के चक्कर में ना आए !

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खरगोन – बंधुओ !
प्रोफेसर पी सी महाजन फाउंडेशन में पी सी का मतलब है
प्रकाश चंद्र ….
कौन है प्रकाशचंद्र ?
खरगोन के पी जी कालेज में कालेज में खरगोन के प्रकाशचंद्र महाजन कामर्स के प्रोफेसर थे ..
नौकरी पर रहते हुए संसार से चल बसे …
उनके बदले अनुकम्पा में नौकरी लगी उनके बेटे
*रविशंकर महाजन*
की , रविशंकर की खरगोन कन्या हायर सेकेंड्री में गणित के यू डी टी बन गए , आरोप यह भी है की अनुकम्पा नियुक्ति में राज्यपाल से रविशंकर को सीधे यू डी टी पद केसे दे दिया ?
दूसरा आरोप लगभग तीस वर्ष से अधिक रविशंकर महाजन को उसी स्कूल में हो गए है जिस स्कूल में उसकी अनुकम्पा नियुक्ति हुई !
आज तक रविशंकर महाजन का ट्रांसफर नहीं होना शक के घेरे में डालता है की रविशंकर महाजन गणित के यू डी टी का ट्रांसफर क्यों नहीं हुआ ?
मित्रो , सरकार ने प्रकाश चंद्र महाजन को सर्विस दी , उनके सर्विस में रहते हुए संसार से जाने के बाद , सरकार ने उनके बेटे को सरकारी नोकरी अनुकम्पा दी , प्रकाशचंद्र महाजन की धर्मपत्नी गंगाबाई महाजन को पेंशन देना प्रारंभ की …
सरकार ने सारे अपने कर्तव्य ईमानदारी से निभाए ….
अक्टूबर 2022 में भारत सरकार को खरगोन शहर के संतोष गुप्ता ने जानकारी दी की खरगोन का एक सरकारी शिक्षक रविशंकर महाजन ने पश्चिम निमाड़ जिले के लगभग 22 हजार गरीब , मजदूर , किसान और छोटे व्यापारी को सरकारी शिक्षक रविशंकर महाजन ने प्रकाश स्मृति कम्पनी के शेयर देकर , उनसे ऋण देकर ब्याज लेकर , लेट किस्त 250 रुपए लेकर , कोरे बारह चेक एक साथ साइन करवा कर , ऋण ना देने पर कोरे चेक पर दिनांक , कम्पनी का नाम , ऋण की ब्याज सहित राशि लिखकर , कोर्ट से प्रकाश स्मृति कम्पनी के गरीब शेयर होल्डर को जेल करवा दी सरकारी शिक्षक रविशंकर महाजन ने ….
सरकारी शिक्षक रविशंकर सरकार की नोकरी करता था या कम्पनी चलाता था , जांच का विषय है क्युकी प्रकाश स्मृति कम्पनी में 22 हजार शेयर होल्डर बनाने के बाद इस सरकारी शिक्षक रविशंकर महाजन ने गरीब , किसान , मजदूर और छोटे व्यापारी के करोड़ो रूपयो से प्रापर्टी खरीदनी प्रारंभ की ओर सरकारी शिक्षक रविशंकर महाजन पश्चिम निमाड़ जिले का एक बहुत बड़ा भूमाफिया बन गया क्युकी रविशंकर महाजन के पास नंबर एक में लगभग एक अरब रुपए की बैंको में राशि होने से सरकारी शिक्षक अब नीलामी में भाग लेने लग गया और जिले के प्रापर्टी ब्रोकर उसे निविदा हटाने के करोड़ो रुपए देने लग गए , यह राशि सरकारी शिक्षक रविशंकर महाजन को दो नंबर में मिलती , सरकारी शिक्षक रविशंकर महाजन ने एक इंदौर में प्रापर्टी बेची तो उसके नंबर दो में इसे 52 लाख मिले , अब तो सरकारी शिक्षक रविशंकर महाजन के पास काला धन इतना अधिक बढ़ गया की रवि ब्याज का धंधा करने लग गया , इसका ब्याज का काम इन्ही के साथ पढ़ा एक महाजन ही सम्हालता था जो सरकारी नोकरी में था , बंधुओ इस सरकारी शिक्षक रविशंकर ने सरकार की नोकरी कितनी ईमानदारी से की होगी यह भी जांच का विषय है क्युकी इसने ग्वालियर से एक और पंजीयन करवाया कम्पनी का उस कम्पनी का नाम मुस्लिम शब्द का रखा , तंजीम ए जरखेज , मुसलमान जाकिर शेख रवि के साथ पढ़ता था इसे कम्पनी का मेनेजर पद दिया और गरीब , मजदूर , किसान और छोटे व्यापारी की जो जमीन गोगावा के डाबरिया ग्राम में थी वहा के उन्हे डराकर की यहां मुस्लिम बस्ती होगी , बूचड़खाना बनेगा तो गरीब लोगो ने अपनी जमीनी मुसलमानों के डर से सस्ती बेच दी , खरगोन के ज्योतिषी बसंत सोनी के बड़े भाई कुशल सोनी ने गरीबों की रजिस्ट्री इंग्लिश में की , अब सरकारी शिक्षक रविशंकर महाजन से पूछना चाहिए की प्रकाश स्मृति कम्पनी में सात डायरेक्टर सभी महाजन , सभी भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा के समर्थक , हिंदुत्व का प्रचार करने वाले , अपने मस्तक पर तिलक धारण करने वाले डायरेक्टर ने मुसलमान नाम की कम्पनी बनाकर ताज प्रोजेक्ट क्यों बनाया , जिला सहकारी बैंक के प्रबंधक रणजीत सिंह डंडीर जो खरगोन कट्टर हिंदुत्व के नेता कहे जाते है उन्होंने इस मुसलमान नाम की कम्पनी को बैंक से करोड़ो रूपयो की लिमिट की , बाद में दिल्ली के कारपोरेट मंत्रालय से इस मुसलमान नाम को बदलाया और रजिस्ट्रेशन नंबर वही रहने दिया , प्रोफेसर पी सी फाउंडेशन नाम के बाद रणजीत सिंह डंडीर इस कम्पनी के अध्यक्ष बन गए और गोकुल प्रोजेक्ट शुरू किया , लाटरी सिस्टम से 12 हजार से कम आय वालो को मकान बनाकर देने का काम शुरू हुआ , वृक्ष लगाने के नाम पर 500 रुपए की हज़ारों रसीदे बनाई गई , जमीनों की खरीद और बिक्री के मामले पुलिस कोतवाली खरगोन में दर्ज हुए , पी सी फाउंडेशन में एक एक लाख के 100 सदस्य बनाए थे , उन्हे 11 लाख या चार एकड़ जमीन की लालच दी गई थी , सरकारी शिक्षक रविशंकर महाजन ने सभी को बेवकूफ बना दिया , पी सी फाउंडेशन का एक खरगोन का सदस्य आया था मेरे पास वह बोला भैया पचास हजार रुपए थैली में भरकर रवि शंकर महाजन के घर देकर आया हू और अब मुझे ना तो 11 लाख दे रहा है ना जमीन दे रहा है !
मित्रो , पी सी फाउंडेशन के एक सदस्य ने इंदौर हाय कोर्ट में भी एक याचिका लगाई है और कोर्ट ने एक नोटिस सराफा में प्रवीण सराफ को भी भेजा है !
अब सरकारी शिक्षक *प्रोजेक्ट गिरधारी* लाए है …
इतनी सारी कहानी इसलिए लिखी है ताकि खरगोन की भोली भाली जनता अब इस सरकारी शिक्षक रविशंकर महाजन की कोई नई चाल में ना आए !
सबसे बड़ी बात यह है रविशंकर महाजन की की आजतक पी एम ओ , सी एम हेल्प लाइन में शिकायत के बाद इस सरकारी शिक्षक की इतनी अधिक पहुंच है की इस पर कोई भी कार्यवाही करने की हिम्मत नही कर पा रहा है , इसकी पहुंच का आप इस बात से अंदाज लगा सकते हो !
खरगोन के आठ गरीब कर्मचारियों को इसने नोकरी से हटा दिया !
विक्रम चौहान जेसे ईमानदार मेनेजर ने अपनी 90 हजार की नोकरी इसलिए छोड़ी क्युकी पांच साल तक प्रकाश स्मृति कम्पनी में कलह हुआ , एक बार तो मेनेजर विक्रम चौहान और रविशंकर की मारा कुटी हो गई !
आखिर एक बेईमान के सामने ईमानदार हार गया और उसने प्रकाश स्मृति कम्पनी के मेनेजर से अपने आप को अलग कर लिया !
इस पत्र को मैं खरगोन के कलेक्टर श्री कर्मवीर जी शर्मा और खरगोन के एस पी श्री धर्मराज जी मीणा जी को भेज रहा हू की इस कम्पनी का इतिहास यह है ! *प्रोजेक्ट गिरधारी* के नाम से सरकारी शिक्षक रविशंकर महाजन अब कोई नया प्लान गरीब , किसान , मजदूर और छोटे व्यापारी को बताकर कोई ठगी नही करे क्युकी आज यह सरकारी शिक्षक खरबपति है , प्रकाश स्मृति कम्पनी , तंजीम ए जरखेज कम्पनी और प्रोफेसर पी सी फाउंडेशन कम्पनी की प्रापर्टी और जमीनें और नगदी आज अरबों , खरबों में है इसलिए इस नए प्रोजेक्ट पर प्रशासन , सरकार , मीडिया और सी आई डी विशेष नजर रखे !
संतोष न्यूज खरगोन से संतोष गुप्ता की रिपोर्ट ! मोबाइल – 98262- 29657

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