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तीन पत्रकार जेल चले गए खरगोन के , पत्रकार पैसा मांगते थे गलत कार्य करने वालो से खुद ही गलत कार्य के कारण जेल गए !

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खरगोन – बंधुओ !
समझ में आया
खरगोन के गलत कार्यों पर क्यों नही हो रही कार्यवाही ?
खरगोन में पत्रकारों का एक वर्ग गलत कार्यों वालो से पैसे की मांग करता है यदि वह गलत कार्य कर रहा है तो वह पैसा पत्रकार को दे देता है और इस प्रकार एक पत्रकार जिस पर चौथे स्तंभ की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है वह अपने वतन के साथ गद्दारी कर गलत काम वालो को बढ़ावा दे रहा है
वारिस खान
संजय सोनी
के बाद
अब शैलेंद्र त्रिवेदी जैतापुर जेल गए है
रविद्र परमार फरार है ….
पत्रकारों का काम है समाज और प्रशासन और सरकार में जो भी गलत हो उनके विरुद्ध लिखकर प्रशासन और सरकार और समाज को बताना किंतु यदि पत्रकार पैसा लेकर गलत कार्य वालो से सेटिंग कर लेगा तो उसका हौसला बढ़ जाएगा और उसने चुकी पैसा देकर पत्रकार को खरीद लिया है तो उसकी हिम्मत और भी बढ़ जाएगी !
बात सन 2000 की है
मध्यप्रदेश में सरकार कांग्रेस की थी
खरगोन विधायक परसराम डंडीर थे
कलेक्टर भूपाल सिंह
और
एस पी आर के विज थे
मेने खरगोन के सरकारी अस्पताल में मेस सर्वेंट के पद पर कार्य करने वाले के विरुद्ध एस पी आर के विज को एक शिकायत की , एस पी आफिस से शिकायत खरगोन थाने पर आई ! टी आई अजीत पाटिल ने शिकायत पत्र की एफ आई आर दर्ज की , अपराधी को गिरफ्तार किया !
किंतु गिरफ्तार होने की रात को पुलिस कोतवाली खरगोन में खेल हो गया
अपराधी के बयान दर्ज हुए मुझे फरियादी ने एक शेर की खाल और विदेशी केमेरा दिया है चलो चलकर बरामद करा देता हु
पुलिस अपराधी के घर जाति है
उसे अपराधी के घर से तलवार , त्रिशूल , सेक्स साहित्य कुछ नही मिलता उसे केवल शेर की खाल और विदेशी केमेरा मिलता है !
रातों रात शेर की खाल पर लाल कलर से पेटर द्वारा लिखा जाता है
*पंडित जगदीश ठक्कर और संतोष गुप्ता द्वारा श्री बाकी माता मंदिर में भेट की गई*
कांग्रेस के जमाने में कांग्रेस के नेता थाने में ही घूमते रहते थे
अपना तो जिंदगी में पहली बार काम पड़ा था
दीपक डंडीर
और
दीपक अग्रवाल
ये दो कांग्रेसी मुझे पूरे प्रकरण के दौरान थाने में ही दिखाई देते थे किंतु अपना ज्ञान उस समय इतना विस्तृत नही था की राजनीति में पार्टी के हिसाब से कलेक्टर , एस पी और टी आई सेटिंग किए जाते है और उसके बाद नगर के लोगो की जो एफ आई आर होती है उसमे यह देखा जाता है की फरियादी किस पार्टी का है ?
बंधुओ , अपन तो आजादी के बाद से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और जनसंघ , जनता पार्टी , भारतीय जनता पार्टी के रहे है इसलिए पुलिस थाने खरगोन में मेरे साथ भारतीय जनता पार्टी के फरियादी जेसी कार्यवाही हुई !
अपराधी को ब्राम्हण नेता का फायदा मिला
अपन तो राजनीति में थे ही नही
अपना तो तब भी जनहित का मामला था
आज भी जनहित का मामला है प्रकाश स्मृति , आर्गेनिक काटन में
बंधुओ , आप विश्वास नही करोगे पुलिस ने एक जनहित के केस को केसे पलटाने की कोशिश की
किंतु मेरी ईश्वर भक्ति
मेरा जनहित
मेरी ईमानदारी बहुत काम आई वरना पुलिस मेरी जिंदगी बर्बाद कर सकती थी !
तो बात चल रही थी सन 2000 की अजीत पाटिल टी आई के समय की
सुबह मेरे पास टी आई का फोन आया उन्होंने एक फोटोग्राफर को थाने में बुलाया जब मेरा फोटोग्राफर थाने से वापस आया तो मालूम पड़ा शेर की खाल के पुलिस ने फोटो खिचाए शेर की खाल पर लिखा था
*पंडित जगदीश ठक्कर और संतोष गुप्ता द्वारा श्री बाकी माता मंदिर में भेट की गई*
बंधुओ , मैं बहुत कच्चा था उस समय मेने सोचा मैं तो नगर की बहु बेटियो की रक्षा के लिए जनहित के लिए एफ आई करने आया और ये शेर की खाल और विदेशी केमेरा …..
पुलिस ने पासा ही पलट दिया साब !
बात उन दिनों की है जब सलमान खान जेल में थे
हिरण के शिकार में
मुझे लोग डराने लगे
सलमान खान की तो जमानत नही हुई संतोष भाई
शेर की खाल का मामला है
अपराधी को देश के न्यायालय ने जमानत दे दी
और एक ईमानदार जनहित के लिए पुलिस के पास पहुंचा खरगोन का नागरिक वकीलों के पास दौड़ने लगा
हरसूद के वकील का नाम सुना
उसे दो हजार फीस दी
इंदौर गए मैं और जगदीश पंडित जी
अरे साब
समाज के हित में लडना कोई साधारण काम नही
पैसा खर्च करना पड़ता है
समय देना होता है
टी आई मुझे बोला आपकी एफ आई आर तो लिख ली है किंतु आप मुझे एक और शिकायत लिख दो उसमे महिलाओ की संख्या 163 से कम भी लिख सकते हो
भला हो इंदौर के वकील शेलेंद्र त्रिवेदी का जिन्होंने मुझे मना किया
वरना टी आई मुझे फसा देता
बंधुओ !
खरगोन के कालेज के प्रोफेसर पी सी प्रसाद के सबसे बड़े बेटे सुनील प्रसाद साहिल ने इंदौर के संध्या लोक स्वामी के जितेंद्र सोनी जी से माई होम में मुझे मिलवाया और उसके बाद तो टी आई अजीत पाटिल के खिलाफ इतना लिखा , इतना लिखा
की खरगोन के इतिहास में पुलिस के खिलाफ कभी ऐसा नहीं लिखा गया
टी आई ने मुझे चंद्रकांत पाठक वकील से नोटिस दे दिया भ्रष्ट शब्द पर …
लंबी लड़ाई लड़ी बंधुओ
पास का लगभग पांच लाख रूपया खर्च किया
केवल जनहित के लिए
धर्म के नाम पर भोले भाले लोगो के साथ जो धोखा किया जा रहा था उस दुकान को बंद करा दिया यही मेरी सफलता थी !
बंधुओ !
खरगोन में एक सरकारी मास्टर रविशंकर महाजन , पिता प्रकाश चंद्र महाजन , माता गंगा बाई महाजन
इस सरकारी व्यक्ति ने सरकार से भी पैसा लिया , इसकी मां को भी सरकार ने पैसा दिया
उसके बावजूद इस पढ़े लिखे व्यक्ति ने अपनी बुद्धि से जिले के
*गरीब , मजदूर, किसान और छोटे व्यापारी*
से पैसा लेकर उन्हें जो मूर्ख बनाया
इसकी शिकायत भारत सरकार का पी एम ओ भी नही कर पा रहा है
देखिए मेरी पी एम ओ की शिकायत आज भी पेंडिंग है
भोपाल का ई ओ डब्ल्यू भी खरगोन के सरकारी शिक्षक रवि शंकर के विरुद्ध कार्यवाही करने में असमर्थ है !
इतने बड़े बड़े आफिस बना रखे है सरकार ने करोड़ो अरबों रुपया खर्च होता है किंतु कार्यवाही नही होती !
खरगोन के सुधीर कुलकर्णी और तेज कुमार बर्वे के बयान ले लिए और आज तक कोई खबर नहीं आखिर कम्पनी एक्ट का दुरुपयोग कर गरीबों को मूर्ख बनाने वाले एक सरकारी शिक्षक रवि शंकर की पहुंच कितनी बड़ी है की पूरे भारत में इस व्यक्ति के विरुद्ध किसी की भी हिम्मत नही की प्रकाश स्मृति कम्पनी , तंजीम ए जरखेज और प्रोफेसर पी सी फाउंडेशन कम्पनी की सख्ती से जांच करे और गरीबों को उनका पैसा दिलाए ! संतोष न्यूज खरगोन !

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