कर्म का फल मिला ईरान को ! : क्यू मौत हुई खो मेंनई की
खरगोन- नमस्कार मित्रो
मैं हूं संतोष गुप्ता और संतोष न्यूज मे आपका स्वागत है
ईरान ने कट्टरवाद का रास्ता अपनाया, धर्म को महत्व दिया, महिलाओं पर दया नहीं की, अपने विरोधियों पर दया नहीं की, ईरान की 40 प्रतिशत गरीब जनता के लिए कुछ नहीं किया, इस्राइल को मिटा देने की बात की, यहूदी जाती को अखिर इस पृथ्वी से कम किसने किया? कट्टर मुसलमानों ने, नागरिको की स्वतंत्रता का हनन किसने किया, महिलाएं क्या पहनेंगी इस बात को किसी भी देश की सरकार तय नहीं कर सकती काश 2014 के बाद विश्व की सबसे बड़ी आबादी वाले भारत देश के प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी से ईरान कुछ सीखता ! मोदी जी ने सबसे पहले देश के खुद झाड़ू उठाई, स्वच्छता अभियान चलाया, भारत के गरीबो को शौचालय के लिए 18 हजार रुपये परिवार को दिए, बीमारियां से लड़ने के लिए 5 लाख प्रति वर्ष , मकान के लिए ढाई लाख, किसानो को 6 हजार , एक रुपये में दो लाख का बीमा, 350 रुपये मे एक्सीडेंट का 4 लाख का बीमा...
नरेन्द्र मोदी कट्टर संघी , कट्टर बीजेपी के होने के बाद भी यह सारी सुविधाएं मुस्लिमों, हिन्दुओ, सिक्ख, ईसाई सभी को दी तब पूरे विश्व मे मोदीजी पूजे जाते है
खोमेनाइ के साथ 48 लोगों का अंत समाज को शिक्षा देता है नियत साफ़ रखनी चाहिए
अमेरिका को ईश्वर ने शक्ति दी है वह जानता है भस्मासुर के हाथ में शक्ति आने से वह वरदान देने वाले भगवान शिव को ही समाप्त कर के खुद सबसे बड़ा बनना चाहता है भस्मासुर की सोच गलत होने से आखिर वह खुद भस्म हो जाता है अमेरिका की सोच यही है शक्ति गलत हाथों में नहीं होनी चाहिए, परमाणु शक्ति संपन्न तो भारत भी है किन्तु भारत की सोच पूरे विश्व को परिवार मानने की है
56 देश बनाने वाले मुसलमानों के विरुद्ध खुले आम इस्लामीक आतंकवाद बोलना ट्रंप के ही बस की बात है और अब पूरी दुनिया से कट्टरवाद की बिदाई तय है अब हम सभी की सोच बहुत उदार होनी चाहिए हम सभी को गलत लोगों के विरुद्ध लड़ना ही चाहिए हमारा शास्त्र कहता है आतताइ को मारने मे पाप नहीं लगता, और अब निश्चित गलत लोगों के विरुद्ध पूरी दुनिया एक साथ होगी ! संतोष न्यूज खरगोन ! 98262-29657
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