तीन साल हो गये पी एम ओ की शिकायत के बाद कार्यवाही नहीं : खरगोन मिडिया ,इच्छा मृत्यु और खरबपति सरकारी शिक्षक रविशंकर
खरगोन- नमस्कार बंधुओं
मैं हूं संतोष गुप्ता और संतोष न्यूज में आपका स्वागत है
एक निवेदन है मेरा खरगोन निवासियों से मैं पिछले अनेक वर्षो से नईदुनिया अखबार इंदौर पढ़ता था, किन्तु खरगोन ब्यूरों ने जब कलेक्टर द्वारा सस्पेंड खरबपति सरकारी शिक्षक रविशंकर महाजन की खबर रंगीन फोटो के साथ लगाइ तो मुझे बहुत बुरा लगा जिस सरकारी शिक्षक ने एक ही स्कूल मे 30 साल नोकरी करते हुए, सरकार से एक लाख रुपये प्रतिमाह तनखा लेते हुए तीन कम्पनी ग्वालियर से रजिस्टर्ड की ओर जिले के गरीबो, मजदूरों, किसानो और छोटे व्यापारियों से करोड़ों रुपया लिया उनकी जमीनों को मुसलमानो का डर बताकर खरीदा, सरकार और प्रशासन को 30 सालों तक मुर्ख बनाया, भारत सरकार के पी एम ओ, मध्यप्रदेश सरकार की सी एम हेल्प लाइन और भोपाल के इ ओ डब्ल्यू में जिस अपराधी सरकारी शिक्षक रविशंकर महाजन की 500 से अधिक शिकायतें हो, जिसने कोरे चेक लेकर ब्याज का व्यापार कर धारा 138 का गलत उपयोग कर कोर्ट को भी मुर्ख बनाया हो, तीन वर्षो से उस सरकारी शिक्षक पर खरगोन पुलिस ने एफ आई आर भी नहीं लिखी हो, जिस सरकारी खरबपति शिक्षक रविशंकर महाजन ने पैसा देकर सभी को खरीद लिया हो, सांसद गजेंद्र पटेल के पास भी गरीब लोग गये, एक लाख लोग प्रभावित है रविशंकर की तीन कम्पनी से जो शायद अब बीजेपी को वोट नहीं देंगे उसके बावजूद सांसद गजेंद्र पटेल रणजीत गोपाल के साथ फोटो वीडियो बनाते रहे और इस गंभीर मामले पर गरीबो के लिए कुछ नहीं किया एसे रवि की खबर नईदुनिया खरगोन ब्यूरों ने प्रकाशित कर अपराधी का साहस बढ़ाया है और हमारे जेसे ईमानदार पत्रकारों को चिढ़ाने का काम किया, खरगोन ब्यूरों नईदुनिया की मेने इंदौर शिकायत की, ब्यूरों फोन लगाया और कहा आप इस खबर के माध्यम से समाज को क्या संदेश देना चाहते हो? जिस खरबपति सरकारी शिक्षक ने एक गरीब चने वाली जो खरगोन के पोस्ट आफिस के सामने दुकान लगाती है उसे पेसे देने के लिए अनेक सालों तक चक्कर लगाए और संतोष न्यूज ने जब इसी गरीब महिला की लम्बे समय तक खबर चलाइ तब कहीं उसे 80 हजार रुपये मिले, आज खरगोन के पाठकों से नईदुनिया अखबार को पूरे वर्ष में करोड़ों रुपया मिलता है, बड़े अखबार नईदुनिया ने कभी भी सरकारी शिक्षक रविशंकर महाजन के विरुद्ध बड़ी खबर नहीं प्रकाशित की, इस प्रकार से खरगोन ब्यूरों नईदुनिया ने खरगोन और जिले के पाठकों के साथ छल किया है, रविशंकर महाजन की खबर के बाद मेने अब नईदुनिया अखबार को बंद कर दिया है और मैं अब पत्रिका अखबार पढ़ रहा हूं आप भी पत्रिका अखबार पढ़े, वास्तव में बहुत अच्छा अखबार है और बहुत साहस से प्रशासन और सरकार के विरुद्ध अखबार लिखता है आज एक खबर पढ़ी पत्रिका अखबार मे खरगोन के स्वास्थ्य विभाग के एक कर्मचारी को विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी भारतीय जनता की सरकार पिछले 6 माह से तनखा नहीं दे पा रही है, बीजेपी के राज के ये हाल है वह व्यक्ति कलेक्टर की जन सुनवाई में पहुँचा और उसने लिखित में मांग की मुझे इच्छा मृत्यु की अनुमती दी जाय, 6 माह से मैं कर्ज लेकर घर चला रहा हूं और अब मुझे कर्ज लेने वाले परेशान कर रहे है, बंधुओं पूरा मीडिया बीजेपी के विरुद्ध नहीं लिखता है, मीडिया को सरकार से विज्ञापन और पीछे से सूत्र बताते है धन मिलता है इसलिए आम व्यक्ति के समक्ष सही बात नहीं आ पाती इसलिए खरगोन के निवासी पत्रिका अखबार लगाये बहुत सत्यनिष्ठा से खबर प्रकाशित करता है खरगोन के विधायक बालकृष्ण पाटीदार ध्यान दे आज सरकारी व्यक्ति को 6 माह से पैसा नहीं मिल रहा है बीजेपी का नाम खराब हो रहा है, सरकारी शिक्षक रविशंकर महाजन गांधीनगर की गौ शाला में भी आया था अब रविशंकर समाज के समक्ष अपने आप को सेवा भावी बताने का प्रयास करेगा किन्तु कलेक्टर भव्या मित्तल जी से मेरा निवेदन है की सरकारी खरबपति रविशंकर महाजन की अत्यंत ईमानदार सी ए से इससे तीन कम्पनी के हिसाब किताब की सही जांच की जाय, 35 लाख रुपये चार बार नगदी भी इससे बेंक से निकाले है, कलेक्टर मेडम सूत्र बताते है इंदौर के सी ए को कार से नोट पहुंचा कर जांच को प्रभावित करता है रविशंकर! संतोष न्यूज खरगोन !
विज्ञापन