सरकारी शिक्षक के दो बेटे और अरबों का लेनदेन : आर्गेनिक काटन ओर शिव पुराण की कथा
नमस्कार बंधुओ !
मै हू संतोष गुप्ता और संतोष न्यूज में आपका स्वागत है !
बंधुओ !
मेने जो आपको ऊपर आर्गेनिक कॉटन की एक अखबार की कटिंग पोस्ट की है यह भोपाल के अखबार की है!
बंधुओ !
याद कीजिए सीहोर के पूज्य प्रदीप जी मिश्रा जी की शिवपुराण को ....
खरगोन में अचानक शिवपुराण हुई ओर उसे करने वाले यानी उसका खर्च उठाने वाले दो युवा थे जो एक शिक्षक के बेटे थे ...
हिमांशु पाठक और तुषार पाठक
खरगोन के नागरिकों को समझ में नहीं आ रहा था की धार्मिक क्षेत्र में यह पाठक परिवार आखिर कौन है जो प्रख्यात प्रदीप जी मिश्रा जी की एक करोड़ की भागवत करवा रहा है ?
मुझे भी आश्चर्य हुआ की भक्ति के क्षेत्र में यह पाठक परिवार कौन है जो इतना बड़ा खर्च खुद कर रहा है ?
चुकी मैं दस वर्ष की आयु से भक्ति संबंधित कार्यक्रमों से खरगोन में जुड़ा हू मेरा परिवार पिछले 70 वर्षो से खरगोन शहर में रह रहा है तो मेरे लिए थोड़ा कौतूहल का विषय बना की एक शिक्षक के दो बेटे एक करोड़ की शिवपुराण करवा रहे है आखिर इतना पैसा ये लाए कहा से ?
मेरे पिता एकाउंटेंट थे और जमा नावे का मुझे अधिक ज्ञान इसलिए भी है कि मैं कक्षा नवी में था तब से दस वर्ष पेंटिंग और आज 36 वर्षों से संतोष स्टूडियो संचालित कर रहा हू !
पत्रकारिता का कोर्स मेने दिल्ली से किया , नईदुनिया , नवभारत ओर दैनिक भास्कर में खूब लिखा ओर खूब मेरे नाम से चित्र प्रकाशित हुए , मानव शांति अखबार खरगोन के निमाड़ दूत से टाइटिल खरीदा और उसे भी खूब चलाया , अब भोपाल वेब मित्र के माध्यम से संतोष न्यूज वेब साइट चला रहा हू !
यही कारण रहा कि शिवपुराण के बाद मेने तुषार और हिमांशु पाठक की जानकारी एकत्र की , उसमे मुझे स्वामी बनकर ओर विवेक जैन के नाम भी मालूम हुए ओर उन में एक करोड़ का बड़ा काम खरगोन के जैन परिवार द्वारा किया गया था सूत्रों से यह सब बाते मालूम हुई !
सूत्रों से यह भी पता चला कि मराल में काम करने वाले खरगोन के कुछ लोगों ने विदेशी सारी कंपनी की डिटेल चोरी की , दिल्ली से आर्गेनिक काटन का लाइसेंस लिया और ये सील लगा देते तो वह आर्गेनिक काटन हो जाता पैसा इनके खातों में आता !
खरबों का ट्रांजिशन होने लगा , सूत्र बताते है फिर भारत से कमाए पैसे का दुबई में उपयोग हुआ , वहां प्रापर्टी खरीद ली गई एक पार्टी तो दुबई शिफ्ट हो गई !
सूत्र बताते है एक पार्टी स्वामी बनकर के निवास पर सोने के भगवान , स्कूटर से आकर सराफा व्यापारी को ब्याज पर करोड़ो रुपए देना , होटल नक्षत्र में लाखों करोड़ो रूपयो का खर्च , खुले आम ...कोई भय नहीं ..
मेने सही बात जानने के लिए ये सारी बाते प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को लिखकर भेज दी , शिकायत खरगोन के पुलिस विभाग में आई !
खरगोन के पत्रकार संतोष गुप्ता ने आर्गेनिक काटन की सारी जानकारी भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र जी मोदी जी को दी , शिकायत खरगोन के एस डी ओ पी राकेश मोहन शुक्ला जी के पास आई , शुक्ला जी सिगरेट पीने के शौकीन थे , एस डी ओ पी कार्यालय खरगोन में जब मैं उनके समक्ष बैठा तो सिगरेट का धुआं उन्होंने मुझ पर उड़ाया और पूछा आपकी शिकायत आर्गेनिक काटन की मेरे पास दिल्ली से आई है !
बंधुओ !
खरगोन में दो शिक्षक के लड़कों ने ऐसे अरबों खरबों के खेल किए है जिसकी ईमानदारी से जांच हो तो सभी का स्थान जेल है !
मै खरगोन के एस डी ओ पी कार्यालय इसलिए गया क्योंकि मेरी प्रकाश स्मृति कम्पनी की शिकायत भी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के पास दर्ज हो गई , किंतु मुझे आश्चर्य यह हुआ की खरगोन के एस डी ओ पी राकेश मोहन शुक्ला के पास आर्गेनिक काटन की शिकायत मेरी बहुत पहले आ गई थी किंतु उसे छुपाया गया और जब मेने प्रकाश स्मृति कम्पनी , तंजीम ए जरखेज और पी सी फाउंडेशन की शिकायत की तो मुझे शुक्ला जी ने बुलाया और तब मेरी आर्गेनिक काटन की शिकायत को बताया , बंधुओ मध्यप्रदेश में 19 साल से भारतीय जनता पार्टी की सरकार है किंतु अपराधी की नागरिकों द्वारा शिकायत के बावजूद कार्यवाही नहीं की जाती है यह मेरा अनुभव है , यहां तक की आरोपी इतना अधिक साहसी हो गया है की वह शिकायत करने वाले को मानहानि का नोटिस दे देता है , जिला सहकारी बैंक खरगोन के अध्यक्ष पद पर रहने वाले भारतीय जनता पार्टी के रणजीत सिंह डंडीर ने दो करोड़ रुपए 22 इंग्लिश की रजिस्ट्री पर मुस्लिम नाम की कंपनी तंजीम ए जरखेज को दिए ओर कंपनी को लिखित पत्र में यह अनुमति भी दे दी गई कि आप इन गिरवी रखी रजिस्ट्री को बेच भी सकते हो , सरकारी शिक्षक रविशंकर महाजन की प्रकाश स्मृति कम्पनी ने जब दो बार पचास पचास लाख पी सी फाउंडेशन कम्पनी में डाले तो प्रकाश स्मृति कम्पनी के मेनेजर विक्रम चौहान ने रविशंकर से पूछा ये कंपनी का पैसा दूसरी कंपनी में क्यों डाला ?
बंधुओ ! खरगोन के सरकारी शिक्षक रविशंकर महाजन को विक्रम चौहान ने खूब समझाया कि तुम गलत काम कर रहे हो उसने प्रकाश स्मृति कम्पनी के दस कर्मचारी को निकाल दिया जिनकी आयु 55 वर्ष थी , ऐसा अनैतिक कार्य करने वाली ग्वालियर से रजिस्टर्ड कंपनी ने पश्चिम निमाड़ जिले के गरीब , मजदूर , किसान और छोटे छोटे व्यापारियों से पैसा भी ले लिया उनकी जमीनें सस्ती ली जिनका आज का भाव ढाई करोड़ रुपए एकड़ है , शिकायते पी एम ओ , सी एम हेल्प लाइन , भोपाल ई ओ डब्ल्यू , कलेक्टर , एस पी , टी आई के पास लगभग चार सौ दर्ज है किंतु दो वर्षो में रवि और रणजीत पर कोई कार्यवाही नहीं की गई !
संतोष न्यूज खरगोन !
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